शासकीय विभाग की संपूर्ण जानकारी लेने के लिए RTI आवेदन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा ४ के तहत आवेदन RTI-Sec4/छत्तीसगढ़/A : डॉक्यूमेंट क्रमांक आवेदन कॉपी करिए पत्र क्रमांक :- धारा 4 / A दिनांक:- प्रति , श्रीमान जन सूचना अधिकारी कार्यालय का नाम विषय - सूचना का अधिकार अधिनियम २००५ की धारा ६ के अधीन सुचना / जानकारी अभिप्राप्त करने के लिए अनुरोध | महोदय , विषयांतर्गत निवेदन है कि, जानकारी अभिप्राप्त करने बाबत अधिनियम द्वारा निर्देशित शुल्क १० रु. पोस्टल आर्डर / नगद रसीद / ई-स्टाम्प से अदा कर मूल पावती को इस आवेदन के साथ संलग्न कर आवेदन प्रस्तुत किया गया है | अत: मुझे अग्रलिखित जानकारी दें | सूचना का अधिकार अधिनियम २००५ की धारा ४ लोक प्रा...
मांगिए सूचना... पर कैसे यह जान लीजिए... सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act) भारत के नागरिकों को सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक शक्तिशाली औजार देता है। RTI Act को समझना आपके जैसे कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों के लिए बेहद ज़रूरी है। आइए RTI Act के मुख्य दांव-पेंच को बिंदुवार समझते हैं: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रमुख विषय समझते है । 1. सूचना का अधिकार (धारा 3) प्रत्येक भारतीय नागरिक को किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण से सूचना मांगने का अधिकार है। 2. लोक प्राधिकरणों की जिम्मेदारी (धारा 4) रिकॉर्ड को व्यवस्थित और कम्प्यूटरीकृत करना संगठन की संरचना, कार्य, निर्णय प्रक्रिया आदि की जानकारी प्रकाशित करना। प्रशासनिक निर्णयों के कारण बताना। 3. लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति (धारा 5) हर विभाग में केंद्रीय/राज्य लोक सूचना अधिकारी (PIO) और सहायक PIO नियुक्त किए जाते हैं। 4. सूचना मांगने की प्रक्रिया (धारा 6) आवेदन लिखित, मौखिक या इलेक्ट्रॉनिक रूप में किया जा सकता है। आवेदक को कारण बताने की आवश्यकता नहीं होती। 5. सूचना प्रदान करने की सम...